यह सच है कि इंडिगो का संकट बहुत गहरा है, और यात्रियों की परेशानी की खबरें लगातार आ रही हैं। आज, 8 दिसंबर 2025 की स्थिति के अनुसार, यह संकट अभी भी बना हुआ है, और 450 से अधिक उड़ानें रद्द होने की खबरें सही हैं।
यहाँ वर्तमान स्थिति, कारण और संकट कब तक थम सकता है, इस पर नवीनतम जानकारी दी गई है:
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🚨 आज (8 दिसंबर 2025) की वर्तमान स्थिति
- उड़ानों का रद्द होना जारी: देश भर में आज भी 300 से 450 से अधिक उड़ानें रद्द या प्रभावित हुई हैं। सुबह 10:30 बजे तक 456 ज्ञात रद्दीकरण दर्ज किए गए थे।
- सर्वाधिक प्रभावित हवाई अड्डे:
- दिल्ली (IGI): आज 134 उड़ानें (आगमन और प्रस्थान मिलाकर) रद्द हुई हैं।
- बेंगलुरु: 127 उड़ानें रद्द हुई हैं।
- चेन्नई: 71 उड़ानें रद्द हुई हैं।
- हैदराबाद: 77 उड़ानें प्रभावित हुई हैं।
- यात्रियों की परेशानी: लगातार रद्दीकरण और देरी के कारण एयरपोर्ट्स पर यात्रियों की भीड़ और अफरातफरी का माहौल बना हुआ है। सरकार ने एयरलाइन को रिफंड की प्रक्रिया तेज करने और प्रभावित यात्रियों को होटल और लाउंज एक्सेस जैसी सुविधाएँ देने का निर्देश दिया है।
❓ इंडिगो का संकट कब थमेगा?
इंडिगो और सरकार दोनों ही स्थिति को सामान्य करने के लिए प्रयास कर रहे हैं। वर्तमान अनुमान निम्नलिखित हैं:
- अल्पकालिक (Short Term): नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने इंडिगो को सख्त निर्देश दिए हैं और उम्मीद जताई है कि आज मध्यरात्रि (8 दिसंबर) से उड़ान शेड्यूल स्थिर होना शुरू हो जाएगा और अगले कुछ दिनों में सेवाएँ सामान्य होने लगेंगी।
- इंडिगो का अनुमान: इंडिगो की ओर से बयान आया है कि 10 दिसंबर 2025 तक उसके ऑपरेशन सामान्य हो सकते हैं। कुछ रिपोर्ट्स में यह समय 15 दिसंबर तक भी बताया गया है।
- असल समस्या का हल: कुछ एविएशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस संकट की जड़ गहरी है—पायलटों की पर्याप्त संख्या में कमी को पूरी तरह से दूर करने और नए FDTL नियमों के अनुसार रोस्टर को व्यवस्थित करने में फरवरी 2026 तक भी समय लग सकता है।
⚠️ संकट का मुख्य कारण
यह संकट मुख्य रूप से पायलटों और क्रू सदस्यों की कमी के कारण पैदा हुआ है, जो DGCA के नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों को पूरी तरह से लागू करने के बाद सामने आई है। इन नियमों में पायलटों के लिए साप्ताहिक आराम का समय बढ़ा दिया गया है और नाइट लैंडिंग की सीमा कम कर दी गई है। इंडिगो इस बदलाव के लिए पर्याप्त रूप से तैयार नहीं था।