डोनाल्ड ट्रंप के तेवरों ने बढ़ाया तीसरे विश्व युद्ध का खतरा… रूसी तेल टैंकर पकड़ने का क्या होगा अंजाम?


जनवरी 2026 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका द्वारा रूसी झंडे वाले तेल टैंकर ‘मैरिनेरा’ (Marinera) को अटलांटिक महासागर में जब्त किए जाने के बाद वैश्विक तनाव चरम पर पहुंच गया है। इस घटना को विशेषज्ञ तीसरे विश्व युद्ध की आहट और महाशक्तियों के बीच सीधे सैन्य टकराव के रूप में देख रहे हैं।यहाँ इस तनावपूर्ण स्थिति के मुख्य बिंदु और संभावित परिणाम दिए गए हैं:

1. क्या है मामला? (The Seizure)

  • ऑपरेशन: अमेरिकी कोस्ट गार्ड और स्पेशल फोर्सेज ने नॉर्थ अटलांटिक में रूसी झंडे वाले टैंकर ‘मैरिनेरा’ को जब्त कर लिया। आरोप है कि यह जहाज वेनेजुएला और ईरान पर लगे प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा था।
  • रूसी प्रतिक्रिया: रूस ने इसे “समुद्री डकैती” करार दिया है। रूस का दावा है कि जहाज नागरिक (Civilian) था और शांतिपूर्ण तरीके से रूसी बंदरगाह की ओर जा रहा था।
  • सैन्य टकराव का खतरा: रिपोर्टों के अनुसार, रूस ने इस टैंकर की सुरक्षा के लिए एक पनडुब्बी (Submarine) और अन्य युद्धपोत तैनात किए थे, लेकिन अमेरिकी कार्रवाई के समय वे सीधे हस्तक्षेप नहीं कर पाए।
  • 2. ‘तीसरे विश्व युद्ध‘ का डर क्यों?सीधी सैन्य कार्रवाई: दशकों बाद यह पहली बार है जब अमेरिका ने किसी रूसी झंडे वाले जहाज पर सीधे कब्जा किया है। यह रूस की संप्रभुता को खुली चुनौती माना जा रहा है।ट्रंप के कड़े तेवर: ट्रंप ने खुले तौर पर कहा है कि चीन और रूस अब अमेरिका से डरते हैं। उन्होंने ‘शाडो फ्लीट’ (प्रतिबंधों से बचने वाले जहाजों) को पूरी तरह खत्म करने की कसम खाई है।रूस की धमकी: क्रेमलिन ने चेतावनी दी है कि वाशिंगटन जानबूझकर एक तीव्र अंतरराष्ट्रीय संकट पैदा कर रहा है, जिसका परिणाम “गंभीर सैन्य-राजनीतिक तनाव” होगा।
  • ​3. भारत और चीन पर असर: 500% टैरिफ की तलवार
  • ​ट्रंप प्रशासन ने केवल जहाज पकड़ने तक ही सीमित नहीं रहने का संकेत दिया है:
  • नया प्रतिबंध बिल: ट्रंप ने ‘Sanctioning Russia Act 2025’ को हरी झंडी दे दी है।
  • भारी जुर्माना: इसके तहत जो देश (जैसे भारत, चीन और ब्राजील) रूस से सस्ता तेल खरीदना जारी रखेंगे, उन पर अमेरिका 500% तक का आयात शुल्क (Tariff) लगा सकता है।
  • रणनीति: यह कदम रूस की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ने और उसे यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए मजबूर करने के लिए उठाया गया है।
  • ​4. संभावित अंजाम (Possible Consequences)
  • समुद्री युद्ध (Maritime Conflict): रूस जवाब में अमेरिकी जहाजों या उनके सहयोगियों के व्यापारिक मार्गों को निशाना बना सकता है।
  • तेल की कीमतों में उछाल: यदि रूस और अमेरिका के बीच समुद्री मार्गों पर संघर्ष बढ़ता है, तो वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिससे पूरी दुनिया में महंगाई बढ़ेगी।
  • गठबंधन का टूटना: यूरोपीय देशों (NATO) में भी इस बात को लेकर चिंता है कि ट्रंप की ये आक्रामक नीतियां कहीं पूरे यूरोप को सीधे युद्ध में न झोंक दें।
  • ताजा स्थिति: रूसी विदेश मंत्रालय ने इसे “अस्वीकार्य” बताया है और कड़े प्रतिशोध की चेतावनी दी है। दुनिया की नजरें अब पुतिन के अगले कदम पर हैं।


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