दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में 6-7 जनवरी 2026 की रात को हुई हिंसा के मामले में अब तक कई बड़े खुलासे हुए हैं। पुलिस ने अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया है और जांच में एक सोची-समझी साजिश की बात सामने आ रही है।यहाँ इस ताज़ा घटनाक्रम से जुड़ी मुख्य बातें दी गई हैं:1. हिंसा का मुख्य कारण: अतिक्रमण हटाओ अभियान और ‘अफवाह’कोर्ट का आदेश: दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश पर सैयद फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास स्थित रामलीला मैदान की जमीन से अवैध अतिक्रमण (करीब 36,000 वर्ग फुट) हटाने के लिए MCD की टीम 30 बुलडोजर और 50 डंपर के साथ पहुंची थी।सोशल मीडिया और अफवाह: हिंसा की शुरुआत तब हुई जब सोशल मीडिया पर यह ‘अफवाह’ फैल गई कि मस्जिद को ढहाया जा रहा है। जबकि पुलिस और MCD का दावा है कि कार्रवाई केवल मस्जिद से सटे अवैध निर्माण (डायग्नोस्टिक सेंटर और बैंक्वेट हॉल) तक सीमित थी।2. साजिश के चौंकाने वाले खुलासेयोजनाबद्ध हमला: जांच में पता चला है कि उपद्रवियों ने हमले के लिए पहले से ही वॉट्सऐप ग्रुप बना लिए थे।सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर: पुलिस के अनुसार, करीब 10 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और 4-5 वॉट्सऐप ग्रुपों के जरिए भीड़ को उकसाने और अफवाह फैलाने का काम किया गया।डिजिटल सबूत: पुलिस 450 से ज्यादा वीडियो फुटेज (CCTV, ड्रोन और बॉडीकैम) खंगाल रही है। अब तक 30 संदिग्धों की पहचान की जा चुकी है।3. अब तक की कार्रवाई11 गिरफ्तारियाँ: बुधवार (7 जनवरी) को 5 लोगों (काशिफ, कैफ, अरीब, अदनान और समीर) की गिरफ्तारी के बाद, गुरुवार (8 जनवरी) को 6 और लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार लोगों में एक नाबालिग भी शामिल है।पुलिसकर्मी घायल: इस पत्थरबाजी में SHO समेत दिल्ली पुलिस के कम से कम 5 जवान घायल हुए थे।धाराएं: आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 121, 123, 191 (दंगा) और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।ताजा स्थिति फिलहाल तुर्कमान गेट इलाके में भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक बल तैनात हैं और स्थिति नियंत्रण में है। पुलिस अब उन सोशल मीडिया हैंडल की तलाश कर रही है जिन्होंने सबसे पहले मस्जिद गिरने की झूठी खबर फैलाई थी।