Special Intensive Revision (SIR) सर्वे के दौरान गलत जानकारी देने पर पहली FIR दर्ज होने का मामला 👇
Rampur (उत्तर प्रदेश) से सामने आया है कि एक महिला — Noorjahan — ने अपने दो बेटों Aamir Khan और Danish Khan के बारे में सर्वे फॉर्म में गलत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोनों भारत में रह रहे हैं, जबकि वास्तव में वे विदेश (दुबई और कुवैत) में कई सालों से रह रहे थे। इसके साथ ही आरोप है कि उन्होंने दोनों बेटों के नाम से फर्जी हस्ताक्षर (forged signatures) भी किए। जब Booth Level Officer (BLO) के द्वारा उन फॉर्म्स का डिजिटाइजेशन (डेटा एंट्री) हुआ, तो यह अनियमितता पकड़ी गई। 📝 एफआईआर और कानूनी कार्रवाई इस मामले में UP पुलिस ने FIR दर्ज की है। यह उत्तर प्रदेश में SIR सर्वे में गलत जानकारी देने पर दर्ज की गई पहली FIR है। FIR में आरोप है कि Noorjahan ने जानबूझकर फर्जी जानकारी दी और फर्जी हस्ताक्षर किए। मामला दर्ज किया गया है — इसके तहत Representation of the People Act, 1950 (RPA 1950) की धारा 31 और Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 (BNS 2023) की धारा 237 व 318(2) लागू की गई है। जिला मजिस्ट्रेट Ajay Kumar Dwivedi ने कहा है कि SIR ड्राइव पूरी पारदर्शिता और गंभीरता से हो रही है, और किसी प्रकार की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ⚠️ क्या इसका मतलब है यह संकेत है कि SIR (मतदाता सूची पुनरीक्षण) में गलत जानकारी देना — चाहे जानबूझकर हो या लापरवाही से — अब गंभीर अपराध माना जा रहा है।प्रशासन ने इस मामले को उदाहरण के रूप में पेश किया है, ताकि लोग सही जानकारी दें; इस कदम से मतदाता सूची की विश्वसनीयता बनाए रखने की कोशिश है।जिन लोगों ने गलती से या दो-स्थान से फॉर्म भर दिया है, वे समय रहते अपने BLO से संपर्क कर सुधार कर सकते हैं; लेकिन जानबूझकर धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।