गाजा युद्ध (Gaza war)के दौरान नेतन्याहू ने नेतृत्व का किया बचाव, पीएम मोदी सहित विश्व नेताओं से मजबूत संबंध बताए


इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा में चल रहे संघर्ष के दौरान अपने नेतृत्व और इज़रायल की अंतरराष्ट्रीय स्थिति का ज़ोरदार बचाव किया है। उन्होंने विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई विश्व नेताओं के साथ अपने व्यक्तिगत और मजबूत संबंध को उजागर किया।नेसेट (इज़रायली संसद) में दिए गए उनके भाषण के मुख्य बिंदु यहाँ दिए गए हैं:

नेतृत्व और वैश्विक स्थिति का बचाव

आलोचना को खारिज: नेतन्याहू ने विपक्षी दल के इस दावे को खारिज कर दिया कि गाजा युद्ध के कारण इज़रायल की वैश्विक स्थिति खराब हो गई है, इसे उन्होंने “वास्तविकता से अलगाव” बताया।

पहले से ज्यादा मजबूत: उन्होंने जोर देकर कहा कि इज़रायल सैन्य, आर्थिक और कूटनीतिक रूप से पहले से कहीं ज्यादा मजबूत है, और मध्य पूर्व में सबसे प्रमुख शक्ति बना हुआ है।

अभूतपूर्व समर्थन: उन्होंने तर्क दिया कि वैश्विक आलोचना और यहूदी विरोधी भावना में वृद्धि के बावजूद, इज़रायल को कई देशों और नेताओं से अभूतपूर्व समर्थन मिल रहा है।

पीएम मोदी और भारत पर विशेष ध्यान

  • कूटनीतिक ताकत: नेतन्याहू ने इज़रायल की कूटनीतिक मजबूती के मुख्य कारण के रूप में पीएम मोदी सहित वैश्विक दिग्गजों के साथ अपने करीबी व्यक्तिगत संबंधों का हवाला दिया।
  • “पुराने दोस्त” पीएम मोदी: उन्होंने अपने “पुराने दोस्त,” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में गर्मजोशी से बात की, और उनकी अक्सर होने वाली बातचीत तथा जल्द ही मिलने की योजना का उल्लेख किया।
  • मजबूत होते रिश्ते: उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत, डेढ़ अरब लोगों वाला एक विशाल देश, इज़रायल के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने की सक्रिय रूप से तलाश कर रहा है।

​नेतन्याहू का पीएम मोदी के साथ अपने संबंध का उपयोग करना एक रणनीतिक कदम है, जिसका इस्तेमाल वह युद्ध के दौरान इज़रायल के कथित अलगाव के बारे में घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय आलोचना का जवाब देने के लिए करते हैं।


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