Dhurandhar movie :Lyari Gang Wars & Rahman Dakait Story: हाल ही में रिलीज़ बॉलीवुड फिल्म ‘धुरंधर’ ने कराची के


बॉलीवुड फिल्म ‘धुरंधर’ (Dhurandhar film)की रिलीज़ ने पाकिस्तान के कराची स्थित कुख्यात ल्यारी (Lyari) इलाके और उसके खूनी गैंग वार की वास्तविक कहानी को फिर से चर्चा में ला दिया है। यह फिल्म असल घटनाओं और किरदारों से प्रेरित बताई जाती है।

​यहाँ ल्यारी गैंग वार और रहमान डकैत की पूरी कहानी दी गई है:

कराची का ल्यारी: द ‘वाइल्ड वेस्ट’

  • स्थान और पहचान: ल्यारी कराची का सबसे पुराना और घनी आबादी वाला इलाका है, जो कभी अपने फुटबॉल खिलाड़ियों और कलाकारों के लिए जाना जाता था। लेकिन 1960-70 के दशक में, राजनीतिक संरक्षण और अपराध के गठजोड़ ने इसे ‘कराची का अंडरवर्ल्ड’ या ‘मौत और खून-खराबे की प्रयोगशाला’ में बदल दिया।
  • अपराध का गढ़: यह इलाका ड्रग्स की तस्करी, जबरन वसूली (एक्सटॉर्शन), अपहरण और अवैध हथियारों के कारोबार का मुख्य केंद्र बन गया।
  • सियासी दखल: पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) और मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (MQM) जैसी राजनीतिक पार्टियों ने ल्यारी के गैंगस्टरों को अपना वोट बैंक बनाए रखने और विरोधियों को दबाने के लिए इस्तेमाल किया।

रहमान डकैत: ल्यारी का ‘शेर’

असली किरदार: सरदार अब्दुर्रहमान बलोच (उर्फ रहमान डकैत)

  • जन्म और बचपन: रहमान का जन्म 1975 में हुआ था। वह एक कुख्यात ड्रग तस्कर के घर पैदा हुआ और कम उम्र में ही अपराध की दुनिया में उतर गया।
  • क्रूरता की शुरुआत: अफवाहों के मुताबिक, उसने केवल 15 साल की उम्र में अपनी ही मां की हत्या कर दी थी, जिससे उसकी खूंखार छवि बन गई।
  • गैंग लीडर: 2001 में, अपने प्रतिद्वंद्वी हाजी लालू की गिरफ्तारी के बाद, रहमान ने उसके गैंग पर कब्जा कर लिया और जल्द ही ल्यारी का बेताज बादशाह बन गया।
  • सियासी शक्ति: 2008 के आसपास, उसे PPP नेता जुल्फिकार मिर्जा और राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी का संरक्षण प्राप्त हुआ। PPP ने उसे ‘पीपुल्स अमन कमिटी’ (PAC) का प्रमुख बनाया, जो उसके गैंग के लिए एक राजनीतिक कवर था।
  • रोबिन हुड छवि: वह गरीबों के लिए काम करके अपनी एक ‘रोबिन हुड’ जैसी छवि भी बनाता था, ताकि इलाके के लोगों का समर्थन हासिल कर सके।

ख़ूनी गैंगवार: रहमान बनाम पप्पू

​ल्यारी गैंग वार मुख्य रूप से दो गुटों के बीच लड़ी गई:

  1. रहमान डकैत का गैंग: जिसे PPP का राजनीतिक समर्थन प्राप्त था।
  2. अरशद पप्पू (हाजी लालू का बेटा) का गैंग: जिसे MQM का समर्थन प्राप्त था।
  • जंग की वजह: दोनों गैंग्स के बीच शुरू से ही वर्चस्व की लड़ाई थी, लेकिन 2003 में जब अरशद पप्पू ने रहमान के चचेरे भाई उजैर बलोच के पिता की हत्या कर दी, तो यह दुश्मनी एक भयानक खूनी जंग में बदल गई।
  • आतंक: इस गैंगवार में एक दशक तक सैकड़ों लोग मारे गए। ल्यारी की गलियों में रॉकेट लॉन्चर (RPG) और AK-47 जैसी बंदूकों का इस्तेमाल आम था।

एसपी चौधरी असलम और ऑपरेशन ल्यारी

असली किरदार: चौधरी असलम खान (पाकिस्तानी एनकाउंटर स्पेशलिस्ट)भूमिका: कराची पुलिस के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट एसपी चौधरी असलम (फिल्म में संजय दत्त का किरदार) को ल्यारी को गैंगस्टरों से ‘साफ़’ करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।एनकाउंटर: 9 अगस्त 2009 को, रहमान डकैत एक कथित पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। पुलिस ने दावा किया कि यह जवाबी कार्रवाई थी, जबकि राजनीतिक गलियारों में इस पर सवाल उठे।ऑपरेशन ल्यारी (2012): रहमान की मौत के बाद उसका चचेरा भाई उजैर बलोच उसका उत्तराधिकारी बना। 2012 में सरकार ने ल्यारी में बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चलाया, जिसमें हजारों पुलिसकर्मी और बख्तरबंद गाड़ियां शामिल थीं। यह ऑपरेशन कई दिनों तक चला और इसमें कई आम नागरिक भी मारे गए।

धुरंधर’ फिल्म में कहानी

​फिल्म ‘धुरंधर’ इन वास्तविक घटनाओं में एक भारतीय खुफिया एंगल जोड़ती है।

  • अक्षय खन्ना: रहमान डकैत के करिश्माई और क्रूर गैंगस्टर का किरदार निभाते हैं।
  • संजय दत्त: एसपी चौधरी असलम से प्रेरित, एक खूंखार एनकाउंटर स्पेशलिस्ट का किरदार निभाते हैं।
  • रणवीर सिंह: भारतीय RAW एजेंट हमजा के रूप में, जो पाकिस्तान के आतंकी इरादों को अंदर से खोखला करने के लिए ल्यारी के अंडरवर्ल्ड में प्रवेश करता है।

​फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे ल्यारी के गैंगस्टरों के आतंकी संगठनों से भी संबंध थे, जिन्हें भारतीय खुफिया एजेंसी खत्म करने का मिशन चलाती है।


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